ज़ेबा बानो के बारे में
ज़ेबा बानो को रिंग के अंदर “फाइटिंग क्वीन” के नाम से जाना जाता है, लेकिन ये नाम उन पर रिंग के बाहर भी पूरी तरह फिट बैठता है।
27 साल की लखनऊ की रहने वाली ज़ेबा ने अपने सफर में कई मुश्किलों का सामना किया। उनके समाज में लड़कियों के कॉम्बैट स्पोर्ट्स खेलने को लेकर अच्छी सोच नहीं थी, लेकिन आलोचनाओं के बावजूद वो डटी रहीं और आज भारतीय MMA सर्किट में एक जाना-माना नाम बन चुकी हैं।
ज़ेबा ने अपने मार्शल आर्ट्स की शुरुआत वुशु से की, जहां उन्होंने दो नेशनल गोल्ड मेडल जीते। इसके बाद उन्होंने किकबॉक्सिंग में कदम रखा और वहां चार और नेशनल गोल्ड मेडल के साथ K-1 रूल्स में फ्लाइवेट टाइटल जीता। इसके अलावा उन्होंने बॉक्सिंग और टायक्वोंडो भी सीखा, लेकिन आखिर में 2014 में उन्होंने MMA में आने का फैसला किया।
शुरुआत में स्पॉन्सर और सही गाइडेंस ढूंढना काफी मुश्किल था, खासकर भारत में जहां उस समय ये खेल अभी नया था। साथ ही उन्हें समाज और परिवार की तरफ से भी दबाव झेलना पड़ा क्योंकि उनके रिश्तेदार चाहते थे कि वो शादी करके सेटल हो जाएं।
लेकिन “फाइटिंग क्वीन” ने हार नहीं मानी और अपने सपनों के पीछे लगी रहीं। उन्होंने कई अलग-अलग संगठनों में फाइट की और 6-0 का रिकॉर्ड बनाया, जिसमें 80% फिनिशिंग रेट रहा।
आखिरकार 2022 में उनकी मेहनत रंग लाई, जब उन्होंने ONE Championship के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और वर्ल्ड टाइटल की तरफ अपना सफर शुरू किया। आज ज़ेबा का ये सफर कई लोगों को हार न मानने की प्रेरणा देता है और वो युवा फाइटर्स के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी हैं।
ONE Championship रिकॉर्ड्स
इवेंट के रिजल्ट्स
| रिजल्ट | खेल | तरीका | राउंड | तरीका और राउंड | प्रतिद्वंद्वी | प्रतिद्वंद्वी और इवेंट | देश | तारीख | इवेंट | |||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
|
हार
MMA
तकनीकी नॉकआउट (TKO)
TKO
राउंड 1 (3:39)
|
MMA |
तकनीकी नॉकआउट (TKO)
राउंड 1 (3:39)
|
राउंड 1 (3:39) |
|
अलेक्सांद्रा साविचेवारूस
|
रूस |
ONE Friday Fights 5 |
|||||
|
हार
MMA
सबमिशन
SUB
राउंड 1 (1:22)
|
MMA |
सबमिशन
राउंड 1 (1:22)
|
राउंड 1 (1:22) |
|
नट जारूनसाकथाईलैंड
|
थाईलैंड |
ONE 157: PETCHMORAKOT VS VIENOT |
|||||