शाओलिन से हुई शुरुआत से ONE Hero Series के बड़े स्टार कैसे बने शे वेई
शाओलिन मठ से ONE Championship तक का सफर तय करने वाले “द हंटर” शे वेई चीन के उभरते हुए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स सुपरस्टार्स में से एक हैं।
ONE Hero Series (OHS) के स्टार ने चंद सालों के सफर के बाद मेन रोस्टर में जगह बनाई है। अब वो ग्लोबल स्टेज पर OHS के सबसे सफल एथलीट्स में से एक भी बन गए हैं।
अब ONE: FIRE AND FURY में वो अपने डेब्यू मुकाबले में डैनी “द किंग” किंगड का सामना करने वाले हैं। किंगाडाओ से आने वाले 23 वर्षीय एथलीट ने बताया कि किस तरह उन्होंने दुनिया के बेस्ट एथलीट्स का सामना करने तक का सफर तय किया है।
स्कूल से शाओलिन तक का सफर
शे वेई का जन्म हुनान प्रांत में हुआ था लेकिन उनका बचपन ग्वांगझोउ में गुजरा जहाँ उन्होंने अपने माता-पिता और बहन के साथ खुशी-खुशी जीवन व्यतीत किया।
उन्होंने हंसते हुए कहा कि वो एक औसत दर्जे के स्टूडेंट हुआ करते थे और कभी-कभी खुली हवा लेने के लिए क्लास छोड़ भी दिया करते थे। उन्होंने छोटी सी उम्र से ही मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी और इस मामले में उन्होंने कभी लापरवाही नहीं बरती।
उन्होंने बताया, “प्राथमिक शिक्षा के दिनों में काफी अच्छा हुआ करता था। तीसरी से चौथी क्लास के समय मैंने हॉबी क्लास जॉइन की और मार्शल आर्ट्स सीखना शुरू कर दिया। छठी क्लास के दौरान मैंने पहली बार स्कूल में बड़े स्टेज पर पहली बार परफॉर्म किया।”
वेई ने कहा कि उसके बाद उनकी इसके प्रति दिलचस्पी कम होने लगी थी लेकिन जब उन्होंने इंटरनेट पर हेनान के वर्ल्ड फेमस शाओलिन टेंपल की एक वीडियो देखी तो इसके प्रति उनका नजरिया ही बदल गया। इस कारण उन्होंने 14 साल की उम्र में इसकी शिक्षा लेने के लिए हेनान जाने का फैसला लिया।
उन्होंने शाओलिन वॉरियर मोंक्स के संरक्षण में 4 साल वहाँ बिताए और कुछ समय तक उन्होंने वहाँ कोच की भूमिका भी निभाई। लेकिन उसके बाद प्रोफेशनल मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट बनने के सपने का पीछा करते हुए उन्होंने किंगडाओ शिफ्ट होने का फैसला लिया।
नया सपना और मिली प्रेरणा
शे के नए स्पोर्ट के सफर की शुरुआत साल 2016 में सांडा के साथ हुई, उन्होंने माना कि वहाँ Sunkin International Fight Club में मिले मौकों से उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ।
उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि वहाँ मैं कई चीजें सीख सकता था, मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं शून्य के स्तर से शुरुआत कर रहा हूँ।”
उन्होंने आगे ये भी बताया कि वो जल्दी हार मान लेते थे लेकिन हेड कोच लिउ जिन वेन ने उन्हें सही रास्ता दिखाया।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शे को खुद पर भरोसा था, जब भी वो कमजोर महसूस करते तो उन्हें प्रेरित किया और अनुशासन सिखाया। “द हंटर” को पूरी टीम के साथ कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया गया जिससे वो आने वाले समय में एक अच्छे एथलीट बनने वाले थे।
उन्होंने कहा, “जब भी मैं कमजोर महसूस करता तो मेरे कोच लिउ जिन वेन हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। उन्होंने मुझे हमेशा अच्छी सलाह दी हैं।”
“ये मायने नहीं रखता कि मुझे हार मिली या जीत, उन्होंने मुझे अपने मैचों को समझने में मदद की जिससे मुझे पता चल सके कि मैंने अपने मैचों में कैसा प्रदर्शन किया है।
“मेरे कोच की एक कहावत है, ‘जिस चीज को आप ज्यादा समय देते हैं और मेहनत करते हैं, आपका भाग्य आपको वहीं ले जाता है और आपको वही चीज मिलेगी जिसके लिए आपने मेहनत की है। उन्होंने मुझसे कहा कि यदि मैंने कड़ी मेहनत की तो जरूर मुझे इसका नतीजा अच्छा ही मिलेगा लेकिन इसके लिए मुझे इस सफर को एन्जॉय करना होगा।”
हीरो बनने की शुरुआत
शुरुआती समय में शे के माता-पिता को उनके करियर को लेकर संशय था लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हो गया कि उनका बेटा किस काबिल है।
उन्होंने बताया, “शुरुआत में मुझे उन्होंने सपोर्ट नहीं किया था लेकिन जब मेरे पिता ने मुझे पहली बार फाइट करते देखा तो उन्हें एहसास हुआ कि मैं क्या करने में सक्षम हूँ।|”
वो विश्वास शे के लिए काफी अधिक महत्व रखता था और इसी चीज ने उन्हें प्रेरणा दी और इसी प्रेरणा के सहारे चीन में उन्होंने अपने 8 में से 6 मैचों में जीत दर्ज की, जिनमें 5-0 का परफेक्ट किकबॉक्सिंग रिकॉर्ड भी शामिल रहा।
उस सफलता ने उन्हें OHS में आने का मौका दिया जहाँ सबसे सफल एथलीट्स को ONE मेन रोस्टर में आने का मौका मिलता है जिससे उन्हें एशिया के कई बड़े एरीना में मैच का हिस्सा बनने का मौका मिलता है। “द हंटर” ने सोचा कि ये खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका है और ये दिखाने के लिए कि वो बड़े स्तर पर जाने के लिए तैयार हैं।
23 वर्षीय स्टार ने कहा, “जब ONE Hero Series में मुझे पहली फाइट मिली तो मुझे लगा कि अपने करियर में आगे बढ़ने से पहले मुझे अनुभव हासिल करना है। इसे मैंने अपनी ट्रेनिंग का हिस्सा माना और किसी सोल्जर की तरह खुद को ट्रेन किया।”
“मेरे लिए ONE Hero Series तैयारी का एक मौका था जिससे मैं खुद को बेहतर ढंग से समझ सकता था। इससे मुझे पता चला कि आखिर ONE में किस तरह काम होता है और मेन रोस्टर में जाने के लिए मैं कैसे खुद में सुधार कर सकता हूँ।”
ये जल्द ही साफ हो चला था कि वो एक कदम आगे जाने के लिए तैयार हैं। उन्हें व्यस्त कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया लेकिन इस चैलेंज का उन्होंने डटकर सामना किया और जनवरी से लेकर सितंबर के बीच लगातार 4 नॉकआउट जीत दर्ज कीं। इसके बाद साल 2019 के अपने आखिरी मुकाबले यानी ONE Warrior Series 9 में रॉकी बैकटोल पर उन्हें TKO से जीत मिली।
टॉप लेवल के चैलेंज के लिए हुए तैयार
5 मुकाबलों में स्टॉपेज ने ही शे की मेन रोस्टर में जगह पक्की पर दी थी और इसी के साथ वो OHS से मेन रोस्टर में आने वाले पहले एथलीट भी बने।
इस तरह के परिणामों की वजह से मैचमेकर्स भी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और इसी वजह से वो उन्हें एलीट स्तर के एथलीट्स के साथ मैच दे सकते हैं और शे का भी यही मानना है।
उन्होंने कहा, “उन्हें मुझसे काफी उम्मीद है। उन्हें लगता है कि मेरे अंदर एक अलग स्तर की क्षमता है और मेरा भी यही मानना है। मुझे लगता है कि मेरा लेवल काफी अच्छा है और इस बारे में मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है।”
“अब जब मैं आधिकारिक रूप से ONE का हिस्सा बन चुका हूँ तो मैं दुनिया के टॉप एथलीट्स के साथ मुकाबलों से खुद की स्किल्स को दिखा सकता हूँ और उन्हें अपनी ताकत का अंदाजा करवा सकता हूँ।”
अब उन्होंने नए स्टार्स पर जीत हासिल करते हुए ग्लोबल स्टेज पर अपना स्थान पक्का कर लिया है। उन्हें उम्मीद है कि वो अपने व्यक्तिगत जीवन और एक मार्शल आर्टिस्ट के तौर पर भी लगातार सुधार करते रहेंगे।
हालांकि अभी भी उन्हें लगता है कि वो कई चीजों में सुधार कर सकते हैं, उनका मानना है कि जो विश्वास उनके बॉस ने उनपर दिखाया है वो उस विश्वास पर खरे उतरेंगे।
उन्होंने कहा, “ये मेरा सपना था कि मैं वर्ल्ड-क्लास एथलीट्स के साथ रिंग साझा कर सकूं।”
“मैं केवल अपना बेस्ट प्रदर्शन करना चाहता हूँ।”
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मनीला | 31 जनवरी | ONE: FIRE & FURY | टिकेट्स: यहां क्लिक करें
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